Thursday, October 15, 2026
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Teacher Transfer Rules: सरकारी सेवा में पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थापन में प्राथमिकता; बिहार सरकार को किस तरह का दिया निर्देश, यहां पढ़ें

उच्च न्यायालय के मुख्य निर्देश (Key Directions)

  • स्पष्ट प्रावधान का लाभ: कोर्ट ने माना कि 2026 नियमावली के नियम 3(x) और नियम 4 के अनुसार, यदि पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में या सरकारी शिक्षक हैं, तो उन्हें एक ही जिले या निकटतम स्थान पर पोस्टिंग में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
  • जिला स्थापना समिति को निर्देश: कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के मामले को जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता वाली ‘जिला स्थापना समिति’ के समक्ष रखने का आदेश दिया और 4 सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया।
  • डेप्युटेशन की सुरक्षा: हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि जब तक स्थापना समिति कोई अंतिम फैसला नहीं ले लेती, तब तक दोनों शिक्षिकाओं को के.बी. सहाय उच्च विद्यालय, शेखपुरा की वर्तमान प्रतिनियुक्ति से हटाया या परेशान न किया जाए।

पटना: पटना हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ‘बिहार राज्य अध्यापक स्थानांतरण नियमावली, 2026’ के तहत यदि पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में या शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं, तो उन्हें एक ही जिले या स्थान पर पदस्थापित करने में स्पष्ट रूप से प्राथमिकता (Preference) देने का वैधानिक प्रावधान है।

न्यायमूर्ति हरीश कुमार की एकल पीठ ने पटना उच्च न्यायालय की स्थापना में कार्यरत कर्मचारियों की शिक्षिका पत्नियों (कंचन कुमारी और वंदना झा) की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जिला स्थापना समिति (District Establishment Committee) को उनके स्थानांतरण आवेदनों पर नए नियमों के तहत 4 सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

उच्च न्यायालय की प्रमुख टिप्पणियां

अदालत ने 2026 की नई स्थानांतरण नियमावली में पति-पत्नी के एक ही स्थान पर पदस्थापन के प्रावधान को रेखांकित करते हुए कहा: “अदालत पाती है कि यदि पति और पत्नी सरकारी सेवा में हैं, तो उनके पक्ष में प्राथमिकता देने के संबंध में एक विशिष्ट प्रावधान मौजूद है। याचिकाकर्ताओं का दावा विशेष रूप से इस सीमा तक है कि उनके पति पटना उच्च न्यायालय के संस्थान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसलिए, उनके मामलों पर नियमावली, 2026 के विशिष्ट प्रावधानों के आलोक में विचार किया जाना चाहिए और उन्हें पटना सदर शहरी क्षेत्र के नजदीकी स्कूलों में समायोजित किया जाना चाहिए।”

मामले की पृष्ठभूमि

  • स्थानांतरण की मांग: याचिकाकर्ता शिक्षिकाओं ने 7 अक्टूबर 2024 की राज्य सरकार की संकल्प नीति के तहत ई-शिक्षाकोष पोर्टल (e-Shikshakosh Portal) के माध्यम से पटना सदर शहरी क्षेत्र के स्कूलों में स्थानांतरण का विकल्प चुना था, ताकि वे अपने पतियों के कार्यस्थल के समीप रह सकें।
  • अदालत में आश्वासन के बाद प्रतिनियुक्ति: 18 मार्च 2026 को सुनवाई के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), पटना ने अदालत को आश्वासन दिया था कि स्थानांतरण आवेदनों पर कानून के अनुसार अंतिम निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, आवेदन का निस्तारण करने के बजाय छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) का हवाला देते हुए दोनों शिक्षिकाओं को के.बी. सहाय उच्च विद्यालय, शेखपुरा (पटना) में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर भेज दिया गया।
  • स्थानांतरण की मांग: याचिकाकर्ताओं ने ‘ई-शिक्षाकोश’ (e-Shikshakosh) पोर्टल के माध्यम से पटना सदर शहरी क्षेत्र (Patna Sadar Urban Region) में स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। उनके पति पटना हाईकोर्ट के प्रतिष्ठान/संस्थानों में कार्यरत हैं।
  • आश्वासन के बाद डेप्युटेशन: 18 मार्च 2026 को जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), पटना ने कोर्ट को आश्वासन दिया था कि स्थानांतरण पर जल्द कानूनी फैसला होगा। लेकिन आवेदन पर फैसला लेने के बजाय विभाग ने छात्र-शिक्षक अनुपात का हवाला देते हुए 30 मार्च 2026 को दोनों शिक्षिकाओं को के.बी. सहाय उच्च विद्यालय (शेखपुरा, पटना) में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर भेज दिया।
  • नया नियम लागू होना: याचिका के लंबित रहने के दौरान राज्य सरकार ने 25 जून 2026 से ‘बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026’ अधिसूचित कर दी। राज्य सरकार के वकील ने तर्क दिया कि अब नए नियमों के तहत ही मामले पर विचार किया जाएगा।

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बिहार राज्य अध्यापक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के प्रावधान

मामले के लंबित रहने के दौरान राज्य सरकार ने 25 जून 2026 से प्रभावी नई स्थानांतरण नियमावली अधिसूचित की:

  • नियम 3(x) और नियम 4: यदि पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हैं अथवा सरकारी शिक्षक हैं, तो उनके अनुरोध पर उन्हें एक ही जिले या नजदीकी स्थानों पर पदस्थापित करने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।
  • जिला स्थापना समिति का क्षेत्राधिकार: जिला स्तर पर प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय के शिक्षकों के अंतःजिला (Intra-district) स्थानांतरण के मामलों पर विचार करने का अधिकार जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता वाली जिला स्थापना समिति को सौंपा गया है।

हाईकोर्ट के अंतिम निर्देश

  1. 4 सप्ताह में निर्णय: सक्षम प्राधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे याचिकाकर्ताओं के मामलों को जिला स्थापना समिति के समक्ष रखें, जो 2026 की नियमावली के आधार पर अधिमानतः 4 सप्ताह के भीतर उचित निर्णय लेगी।
  2. मौजूदा प्रतिनियुक्ति सुरक्षित: अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक जिला स्थापना समिति याचिकाकर्ताओं के स्थानांतरण पर अंतिम निर्णय नहीं ले लेती, तब तक उन्हें के.बी. सहाय उच्च विद्यालय में उनकी वर्तमान प्रतिनियुक्ति से हटाया नहीं जाएगा।

पटना हाईकोर्ट की टिप्पणी

न्यायमूर्ति हरीश कुमार ने अपने आदेश में कहा: “अदालत पाती है कि यदि पति और पत्नी सरकारी सेवा में हैं, तो उन्हें दी जाने वाली प्राथमिकता के संबंध में एक विशिष्ट प्रावधान (नियमावली 2026 में) मौजूद है। याचिकाकर्ताओं का दावा सीमित और स्पष्ट है कि उनके पति पटना उच्च न्यायालय के संस्थान में सेवा दे रहे हैं, इसलिए उनके मामलों पर नियमावली, 2026 के विशिष्ट प्रावधानों के आलोक में विचार किया जाना चाहिए और उन्हें पटना सदर शहरी क्षेत्र के आसपास के स्कूलों में समायोजित किया जाना चाहिए।”

एट ए ग्लान्स (At a Glance of Judgment)

विवरणजानकारी
संबंधित अदालतपटना उच्च न्यायालय (Patna High Court)
पीठासीन न्यायाधीशन्यायमूर्ति हरीश कुमार (Justice Harish Kumar)
याचिकाकर्ताप्राथमिक शिक्षिकाएं (कंचन कुमारी और वंदना झा)
मुख्य कानूनी प्रावधानबिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 (नियम 3(x) एवं नियम 4)
अदालत का अंतिम आदेशजिला स्थापना समिति 4 हफ्ते में फैसला ले; तब तक डेप्युटेशन से न हटाया जाए।
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