Wednesday, October 28, 2026
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Law School news: RGNUL का नाम बदलने की तैयारी…”नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, पंजाब” हो सकता है नया नाम

Law School news: राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ (RGNUL) की एकेडमिक काउंसिल ने सर्वसम्मति से यूनिवर्सिटी का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

पंजाब स्थित राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ (RGNUL) का नाम बदलने की तैयारी चल रही है। यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल ने संस्थान का नाम बदलकर “नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, पंजाब” (National Law University, Punjab) करने का प्रस्ताव रखा है। आमतौर पर कई नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज अपने राज्य के नाम से पहचानी जाती हैं (जैसे NLU जोधपुर, NLU ओडिशा)। ‘नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, पंजाब’ नाम होने से यह अन्य NLUs के नामकरण के पैटर्न के साथ मेल खाएगा। हालांकि, नाम बदलने का अंतिम निर्णय प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद ही प्रभावी होगा।

निर्णय की मुख्य बातें

  • एकेडमिक काउंसिल का रुख: एकेडमिक काउंसिल ने डीन (एकेडमिक) द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर गहराई से विचार किया और ‘राजीव गांधी’ का नाम हटाकर इसे केवल ‘नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, पंजाब’ करने पर सहमति जताई।
  • पुष्टि: यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ. इवनीत कौर वालिया ने इस दस्तावेज की प्रामाणिकता की पुष्टि की है। इस प्रस्ताव पर कुलपति (VC) प्रोफेसर जय शंकर और रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर हैं।
  • अगला कदम: यह प्रस्ताव अब कार्यकारी परिषद (Executive Council) के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। कार्यकारी परिषद की अंतिम मुहर के बाद ही नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी होगी।

RGNUL के बारे में खास जानकारी

राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, पंजाब की स्थापना 2006 में पंजाब सरकार द्वारा की गई थी। यह देश के प्रतिष्ठित नेशनल लॉ विश्वविद्यालयों (NLUs) में से एक है।

जानें: किसी राज्य विश्वविद्यालय (State University) का नाम बदलने के लिए राज्य विधानसभा (State Assembly) में कानून में संशोधन करना अनिवार्य होता है।

चूँकि RGNUL की स्थापना “Rajiv Gandhi National University of Law, Punjab Act, 2006” के तहत हुई थी, इसलिए केवल यूनिवर्सिटी की काउंसिल के प्रस्ताव से नाम नहीं बदल सकता। इसके लिए निम्नलिखित कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी:

नाम बदलने की कानूनी प्रक्रिया

  • विश्वविद्यालय का प्रस्ताव: सबसे पहले विश्वविद्यालय की एकेडमिक और एग्जीक्यूटिव काउंसिल प्रस्ताव पास करती है (जो अभी चल रहा है)।
  • राज्य सरकार को प्रस्ताव: यूनिवर्सिटी इस प्रस्ताव को पंजाब सरकार के उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) को भेजती है।
  • कैबिनेट की मंजूरी: पंजाब राज्य कैबिनेट इस बदलाव पर चर्चा करती है और इसे मंजूरी देती है।
  • विधानसभा में संशोधन विधेयक (Amendment Bill): राज्य सरकार विधानसभा में संशोधन विधेयक पेश करती है। इसमें ‘2006 के अधिनियम’ के नाम और संबंधित धाराओं में बदलाव का प्रस्ताव होता है।
  • राज्यपाल की सहमति: विधानसभा से बिल पास होने के बाद इसे पंजाब के राज्यपाल (Governor) के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा जाता है।
  • गजट नोटिफिकेशन: राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही सरकार आधिकारिक गजट में अधिसूचना जारी करती है, जिसके बाद नाम आधिकारिक रूप से बदल जाता है।

ऐसा क्यों किया जाता है?

विश्वविद्यालय एक “वैधानिक निकाय” (Statutory Body) है। इसकी पहचान, डिग्री प्रदान करने की शक्ति और कानूनी अस्तित्व उस विशेष अधिनियम (Act) से आता है जिसके तहत इसे बनाया गया है। इसलिए, इसके नाम में कोई भी स्थायी बदलाव कानून में बदलाव के बिना संभव नहीं है।

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