Wednesday, August 12, 2026
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Copyright Strikes: क्या कॉपीराइट स्ट्राइक के आधार पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अकाउंट सस्पेंड कर सकते हैं?;दिल्ली हाई कोर्ट करेगा कानूनी परीक्षण

केस एवं विधिक सारांश (Overview Matrix)

विधिक/प्रशासनिक बिंदुविवरण (August 2026)
माननीय पीठन्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी (दिल्ली उच्च न्यायालय)
याचिकाकर्तासौरभ मौर्य (‘IITian Trader’ – Senior Adv. दीया कपूर)
प्रतिवादी टेक कंपनियांMeta, Google, Telegram (विधिक नोटिस जारी)
मुख्य कानूनी मुद्दाक्या फर्जी/निजी कॉपीराइट स्ट्राइक पर सोशल मीडिया अकाउंट्स को डिलीट या सस्पेंड करना Shreya Singhal और MySpace फैसलों के खिलाफ है?
अगली सुनवाई24 सितंबर 2026

Copyright Strikes: दिल्ली हाईकोर्ट एक महत्वपूर्ण कानूनी और डिजिटल अधिकारों से जुड़े सवाल का परीक्षण करने जा रहा है: क्या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म महज ‘कॉपीराइट स्ट्राइक्स’ (Copyright Strikes) के आधार पर किसी यूजर का अकाउंट निलंबित या डिलीट कर सकते हैं?

न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी ने 11 अगस्त 2026 को इस प्राथमिक विधिक मुद्दे (Preliminary Issue) को तय करते हुए प्रमुख टेक कंपनियों—Meta, Google और Telegram—को निर्देश दिया कि वे इस मुकदमे और अंतरिम स्थगन आवेदन के जवाब में इस सवाल पर विशेष रूप से अपना पक्ष रखें।

अदालत द्वारा तय किया गया मुख्य विधिक प्रश्न: क्या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों द्वारा कॉपीराइट स्ट्राइक की प्रणाली के आधार पर अकाउंट के निलंबन (Suspension) और बाद में उसे हटाने या डिलीट (Deletion/Takedown) करने की प्रणाली श्रेय सिंघल और माईस्पेस (Shreya Singhal & MySpace) के निर्णयों में निर्धारित सिद्धांतों का उल्लंघन है?

मामला क्या है? (IITian Trader बनाम Meta)

  • याचिकाकर्ता: यह मुकदमा डिजिटल कंटेंट क्रिएटर सौरभ मौर्य द्वारा दायर किया गया है, जो इंस्टाग्राम पर ‘IITian Trader’ नाम से पेज/चैनल चलाते हैं।
  • विवाद की वजह: सौरभ मौर्य का आरोप है कि उनके इंस्टाग्राम अकाउंट को मेटा (Meta) ने फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक्स के आधार पर सस्पेंड कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के कॉपीराइट रिपोर्टिंग तंत्र का दुरुपयोग करके रंगदारी/जबरन वसूली (Extortion Racket) का धंधा चला रहे हैं।
  • अकाउंट की बहाली: सुनवाई के दौरान मेटा के वकील वरुण पाठक ने कोर्ट को सूचित किया कि जांच में मौर्य के अकाउंट पर आईं 13 कॉपीराइट स्ट्राइक्स फर्जी पाई गईं, जिसके बाद उन स्ट्राइक्स को वापस ले लिया गया है और उनका अकाउंट बहाल (Restore) कर दिया गया है। मेटा ने आश्वासन दिया कि जब तक मौर्य फर्जी स्ट्राइक का सबूत देंगे, उनका कंटेंट नहीं हटाया जाएगा।

🏛️ क्रिएटर के वकील के मुख्य तर्क एवं कानूनी नजीरें

सौरभ मौर्य की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दीया कपूर और अधिवक्ता नकुल गांधी ने प्लेटफॉर्म्स के ‘स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर’ (SOP) पर गंभीर सवाल उठाए:

  1. सुरक्षित बंदरगाह (Safe Harbour) प्रावधानों का दुरुपयोग
    • सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम और कॉपीराइट अधिनियम के तहत मध्यस्थों (Intermediaries) को मिले ‘सेफ हार्बर’ संरक्षण का गलत अर्थ निकाला जा रहा है। महज एक कॉपीराइट नोटिस/स्ट्राइक मिलने पर प्लेटफॉर्म किसी का पूरा अकाउंट निलंबित नहीं कर सकते।
  2. सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के फैसलों का उल्लंघन
    • श्रेया सिंघल बनाम भारत संघ (Shreya Singhal v. Union of India): इस ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स को केवल अदालत के आदेश या अधिकृत सरकारी एजेंसी के निर्देश पर ही सामग्री हटानी चाहिए, न कि किसी निजी व्यक्ति की महज शिकायत पर।
    • माईस्पेस इंक बनाम सुपर कैसेट्स (MySpace Inc. vs Super Cassettes): वकील ने तर्क दिया कि माईस्पेस फैसले को स्पष्ट करने की आवश्यकता है ताकि केवल एक पंजीकृत कॉपीराइट मालिक (Registered Copyright Owner) या अदालत द्वारा घोषित स्वामी ही उल्लंघन के आधार पर स्ट्राइक भेज सके।
  3. क्रिएटर्स पर असर:
    • “कोई भी फर्जी व्यक्ति कॉपीराइट का दावा करके नोटिस भेजता है और प्लेटफॉर्म तुरंत वीडियो या चैनल हटा देते हैं। इसके बाद क्रिएटर को खुद को सही साबित करने के लिए प्लेटफॉर्मों के चक्कर काटने पड़ते हैं या कोर्ट आना पड़ता है। यह तरीका पूरी तरह गैर-कानूनी है और इससे प्रभावित होकर कई इन्फ्लुएंसर्स के चैनल बंद हो रहे हैं।”

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