Thursday, September 10, 2026
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Advocates’ Welfare Fund: एडवोकेट्स वेलफेयर फंड में पारदर्शिता और ऑनलाइन पोर्टल जरूरी; केंद्र, दिल्ली सरकार और BCD से यह मांगा जवाब

PIL की मुख्य मांगें और तर्क

  1. पारदर्शिता और ऑनलाइन पोर्टल: याचिकाकर्ता संस्था FGLA ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली और एडवोकेट्स वेलफेयर फंड ट्रस्टी कमेटी को फंड की कुल आय, एफडी (Fixed Deposits), खर्च, कल्याणकारी भुगतानों और वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक करने और एक ऑनलाइन पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट करने का निर्देश देने की मांग की है।
  2. फंड का विवरण (2001 से 2021 तक):
    • कुल संग्रह: ₹22.54 करोड़ (वकालतनामा पर वेलफेयर स्टाम्प और अन्य वैधानिक स्रोतों से एकत्रित)
    • कल्याणकारी वितरण: ₹7.13 करोड़ (चिकित्सा, अनुग्रह राशि और अन्य लाभों में दिए गए)
    • उपलब्ध शेष (मार्च 2021 तक): ₹15.57 करोड़ (जिसमें से ₹10.39 करोड़ एफडी में जमा हैं)
  3. युवा और नए वकीलों के लिए वित्तीय सहायता: याचिका में नामांकित (Enrolled) नए वकीलों को पहले 1 साल तक वित्तीय सहायता देने, वेलफेयर फंड सदस्यों के लिए समूह जीवन बीमा (Group Life Insurance) कवर लागू करने और कल्याणकारी लाभों का वार्षिक प्रतिशत तय करने की नीति बनाने की मांग की गई है।
  4. डिजिटल आवेदन और ट्रैकिंग प्रणाली: आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कल्याणकारी योजनाओं के आवेदनों को ऑनलाइन जमा करने, ट्रैक करने और एक निश्चित समयसीमा के भीतर निर्णय प्राप्त करने के लिए डिजिटल सिस्टम स्थापित करने का आग्रह किया गया है।

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए गठित ‘अधिवक्ता कल्याण कोष’ (Advocates’ Welfare Fund) के आय-व्यय, बैंक खातों, सावधि जमा (FD), निवेश और ऑडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक करने तथा इसके लिए एक पारदर्शी ऑनलाइन पोर्टल बनाने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) को औपचारिक नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है [फर्स्ट जेनरेशन लॉयर्स एसोसिएशन (FGLA) बनाम बार काउंसिल ऑफ दिल्ली एवं अन्य]।

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने ‘फर्स्ट जेनरेशन लॉयर्स एसोसिएशन’ (FGLA) द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी प्रतिवादियों को अपने विस्तृत हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले को आगे की सुनवाई के लिए दिसंबर 2026 में सूचीबद्ध कर दिया।

जनहित याचिका (PIL) में उठाए गए प्रमुख बिंदु व वित्तीय आंकड़े

अधिवक्ता कल्याण कोष अधिनियम, 2001 (Advocates’ Welfare Fund Act, 2001) के तहत संचालित इस फंड के संबंध में याचिका में निम्नलिखित महत्वपूर्ण तथ्य सामने रखे गए हैं:

  • वकालतनामे के स्टैंप से योगदान: यह फंड वकीलों द्वारा वकालतनामे पर लगाए जाने वाले वेलफेयर फंड स्टैंप और अन्य वैधानिक स्रोतों से एकत्रित किया जाता है।
  • ₹22.54 करोड़ का कुल संग्रह: याचिका के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2001-02 से 2020-21 के बीच फंड में कुल ₹22.54 करोड़ जमा हुए।
  • वितरित लाभ: इस कुल राशि में से केवल ₹7.13 करोड़ चिकित्सा सहायता, अन्य कल्याणकारी लाभों और अनुग्रह राशि (Ex-gratia) के रूप में वितरित किए गए।
  • उपलब्ध शेष राशि: 4 मार्च 2021 तक फंड में लगभग ₹15.57 करोड़ उपलब्ध थे, जिसमें से ₹10.39 करोड़ बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में रखे गए थे।

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याचिकाकर्ता संगठन द्वारा मांगी गई प्रमुख राहतें

  1. पूर्ण वित्तीय पारदर्शिता: बार काउंसिल ऑफ दिल्ली और एडवोकेट्स वेलफेयर फंड ट्रस्टी कमेटी को फंड की आय, व्यय, निवेश, बैंक खातों, वार्षिक खातों और सभी ऑडिट रिपोर्टों का पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से प्रकट करने का निर्देश दिया जाए।
  2. समर्पित ऑनलाइन पोर्टल: एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म/वेब पोर्टल बनाया जाए जहां फंड से जुड़ी सभी वित्तीय जानकारियां नियमित रूप से अपडेट हों और सभी वकीलों के लिए आसानी से सुलभ (Accessible) हों।
  3. नए वकीलों के लिए वित्तीय सहायता योजना: नए नामांकित अधिवक्ताओं को वकालत के पेशे में शुरुआती संबल देने के लिए नामांकन (Enrolment) के बाद पहले 1 वर्ष तक वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु एक ठोस योजना बनाई जाए।
  4. वार्षिक बजट व ग्रुप लाइफ इंश्योरेंस: उपलब्ध फंड का एक निश्चित वार्षिक प्रतिशत अनिवार्य रूप से कल्याणकारी लाभों के लिए निर्धारित करने की नीति बने तथा सभी सदस्यों के लिए समूह जीवन बीमा (Group Life Insurance) कवरेज लागू किया जाए।
  5. डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम: कल्याणकारी योजनाओं के आवेदनों को ऑनलाइन प्राप्त करने, प्रोसेस करने और ट्रैक करने की डिजिटल व्यवस्था बने, ताकि वकीलों को दस्तावेजों की कमी या निर्णय की स्थिति की समयबद्ध जानकारी मिल सके।

पक्षकार (Respondents)

  • केंद्र सरकार (Union of India)
  • दिल्ली सरकार (GNCTD)
  • बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD)
  • अधिवक्ता कल्याण कोष ट्रस्टी समिति (Advocates’ Welfare Fund Trustee Committee)

विधिक प्रतिनिधित्व

  • याचिकाकर्ता (First Generation Lawyers Association) की ओर से: अधिवक्ता रुद्र विक्रम सिंह, आशीर्वाद कुमार यादव, तर्शित भारद्वाज, सनत वढेरा और रश्मि।
  • पीठ: मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया।

Advocates’ Welfare Fund: मामले का संक्षिप्त विवरण (At a Glance)

विवरणजानकारी
संबंधित अदालतदिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court)
पीठासीन पीठमुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया
याचिकाकर्ताफर्स्ट जनरेशन लॉयर्स एसोसिएशन (First Generation Lawyers Association – FGLA)
मुख्य मांगएडवोकेट्स वेलफेयर फंड की आय, ऑडिट, बैंक खातों और खर्च की पारदर्शी जानकारी के लिए ऑनलाइन पोर्टल।
संबंधित कानूनअधिवक्ता कल्याण निधि अधिनियम, 2001 (Advocates’ Welfare Fund Act, 2001)
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