केस एवं विवाद विवरण (Case Overview Matrix)
| विधिक/प्रशासनिक बिंदु | विवरण (अगस्त 2026) |
| माननीय पीठ | CJI सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची, न्यायमूर्ति वी. मोहना |
| याचिकाकर्ता | विराया टेक्नोलॉजीज (Vitraya Technologies Pvt. Ltd.) |
| प्रभावित डेटा | ~1,500,000 भारतीय नागरिकों के मेडिकल रिकॉर्ड (6 राज्यों में फैला breach) |
| आरोपित धाराएं | धारा 66, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम |
| मुख्य मांग | पंजाब पुलिस से जांच लेकर CBI/SIT को सौंपने और साइबर साक्ष्यों को संरक्षित करने की मांग |
Data Breach: सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के लगभग 1.5 लाख भारतीय नागरिकों के संवेदनशील मेडिकल रिकॉर्ड में सेंधमारी (Data Breach) और डेटा लीक मामले में केंद्र सरकार तथा केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने हेल्थ-टेक कंपनी विराया टेक्नोलॉजीज (Vitraya Technologies) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता की मुख्य दलीलें
- 6 राज्यों में डेटा breach और देरी से FIR
- याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर ने कोर्ट को बताया कि मार्च 2025 में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पंजाब स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने 6 महीने की देरी से (29 अगस्त 2025 को) FIR दर्ज की।
- FIR में केवल अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की जमानती धारा 66 (Section 66) लगाई गई है, जिससे सार्थक जांच संभव नहीं है।
- प्रतिस्पर्धी कंपनियों पर गंभीर आरोप
- याचिका के अनुसार, फरवरी 2025 में 22 घंटों के भीतर 42,000 से अधिक अनधिकृत लॉगिन प्रयास (Unauthorised Login Attempts) किए गए।
- सुरक्षा टीम ने जांच में पाया कि यह साइबर हमला प्रतिद्वंद्वी कंपनियों (Remedinet Technologies, IHX Pvt Ltd, Medi Assist और Bessemer Venture Partners) के IP पतों से जुड़ा था।
- IRDAI नियमों का उल्लंघन और सिंगापुर सर्वर पर ट्रांसफर
- भारतीय नागरिकों के गोपनीय मेडिकल रिकॉर्ड सिंगापुर स्थित सर्वरों पर ट्रांसफर कर दिए गए, जो IRDAI के उन दिशानिर्देशों का सीधा उल्लंघन है, जिनके तहत बीमा डेटा भारतीय सीमाओं के भीतर ही रहना अनिवार्य है।
कोर्ट की टिप्पणी: सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बागची ने उल्लेख किया कि केंद्र सरकार के सॉलिसिटर जनरल से आईटी अधिनियम (IT Act) की समीक्षा करने और इसमें आवश्यक संशोधन करने पर विचार करने को कहा गया है।
याचिकाकर्ता की मांगें (Relief Sought)
- CBI या SIT जांच: मामले की जांच पंजाब साइबर पुलिस से हटाकर CBI को सौंपी जाए या CBI, CERT-In (भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम) और अन्य साइबर सुरक्षा एजेंसियों की एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए।
- इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का संरक्षण: डेटा लीक और हैकिंग से जुड़े सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को तुरंत सुरक्षित करने के निर्देश दिए जाएं।

