Friday, October 2, 2026
HomeDelhi High CourtRailway Claim Rejected: 7 घंटे की देरी और गलत स्टेशन…कहानी में कुछ...

Railway Claim Rejected: 7 घंटे की देरी और गलत स्टेशन…कहानी में कुछ झोल है और ट्रेन से गिरकर हाथ गंवाने वाले शख्स का मुआवजा रिजेक्ट

Railway Claim Rejected: दिल्ली हाई कोर्ट ने 2015 में ट्रेन से गिरने के कारण अपने दोनों हाथ गंवाएं पीड़ित की मुआवजा याचिका खारिज कर दी।

हाईकोर्ट के जस्टिस मनोज कुमार ओहरी की बेंच ने रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल (RCT) के 2018 के फैसले को बरकरार रखा। याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि वह ‘मालवा एक्सप्रेस’ से गिर गया था, जिसके बाद कोहनी के नीचे से उसके दोनों हाथ काटने पड़े। कोर्ट ने पाया कि घटना के समय, स्थान और परिस्थितियों को लेकर दी गई गवाही और रिकॉर्ड में गहरे विरोधाभास हैं, जिससे पूरी कहानी संदिग्ध हो जाती है।

कोर्ट की मुख्य आपत्ति: कहानी में झोल

  • गलत लोकेशन: याचिकाकर्ता ने दावा किया कि वह सदर बाजार के पास गिरा। लेकिन लोक नायक अस्पताल (LNJP) के रिकॉर्ड के अनुसार, घटना पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 10 पर हुई थी। जबकि सच्चाई यह है कि मालवा एक्सप्रेस उस स्टेशन से गुजरती ही नहीं है।
  • समय का बड़ा अंतर: यात्री के अनुसार हादसा शाम 6:30 बजे हुआ, लेकिन रेलवे पुलिस को इसकी सूचना रात 1:30 बजे मिली। कोर्ट ने कहा कि 7 घंटे के इस लंबे अंतराल में इतनी गंभीर चोट (दोनों हाथ कटना) वाला व्यक्ति बिना इलाज के जीवित नहीं रह सकता।
  • Bona Fide Travel: इन विसंगतियों के कारण कोर्ट ने यात्री की ‘वास्तविक यात्रा’ और ‘अनहोनी घटना’ (Untoward Incident) के दावे पर गहरा संदेह जताया।

मामला क्या था? (The Allegations)

  • दावा: सोनीपत का रहने वाला व्यक्ति मार्च 2015 में झांसी जाने के लिए मालवा एक्सप्रेस में सवार हुआ था। उसके पास वैध टिकट था।
  • हादसा: उसने आरोप लगाया कि भारी भीड़ के कारण वह सोनीपत और नई दिल्ली के बीच ट्रेन से गिर गया।
  • नतीजा: गंभीर चोटों के कारण डॉक्टरों को उसके दोनों हाथ काटने पड़े। उसने रेलवे से ‘इंजरी कॉम्पेंसेशन’ की मांग की थी।

Untoward Incident की परिभाषा

  • रेलवे अधिनियम के तहत, मुआवजे के लिए यह साबित करना जरूरी है कि चोट किसी ‘अनहोनी घटना’ (जैसे ट्रेन से दुर्घटनावश गिरना) के कारण लगी है।
  • कोर्ट का निष्कर्ष: “चूंकि घटना के मूलभूत तथ्य (Foundational Facts) ही साबित नहीं हो पाए, इसलिए इसे रेलवे की गलती या अनहोनी घटना की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

निष्कर्ष: साक्ष्यों का महत्व

यह फैसला याद दिलाता है कि केवल चोट लगना मुआवजे का आधार नहीं है। अदालती कार्यवाही में मेडिकल रिकॉर्ड, पुलिस रिपोर्ट और समय का मिलान होना अनिवार्य है। रिकॉर्ड में विसंगतियां किसी भी मजबूत दिखने वाले केस को कमजोर कर सकती हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
clear sky
31.8 ° C
31.8 °
31.8 °
67 %
2.7kmh
0 %
Fri
32 °
Sat
32 °
Sun
33 °
Mon
33 °
Tue
32 °

Recent Comments