Sound Recording: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा और संगीत कंपनी सारेगामा इंडिया लिमिटेड के बीच चल रहे कॉपीराइट विवाद में संगीतकार को राहत देने से इनकार कर दिया है।
दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा ने दायर की थी याचिका
हाईकोर्ट के जस्टिस तुषार राव गडेला की एकल पीठ ने बुधवार को इलैयाराजा की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने फरवरी में पारित एकतरफा अंतरिम आदेश को रद्द करने की मांग की थी। अदालत ने सारेगामा के पक्ष में जारी उस अंतरिम निषेधाज्ञा (Interim Injunction) को हटाने (Vacate) से मना कर दिया, जो इलैयाराजा को 134 फिल्मों के गानों और ध्वनि रिकॉर्डिंग (Sound Recordings) के व्यावसायिक उपयोग या मालिकाना हक का दावा करने से रोकती है।
मामला क्या है?: 134 फिल्मों के गानों पर मालिकाना हक की जंग
यह कानूनी विवाद दक्षिण भारतीय सिनेमा के कालजयी संगीत और उसके डिजिटल राइट्स से जुड़ा हुआ है।
सारेगामा का दावा: सारेगामा इंडिया लिमिटेड (जिसे पहले ‘द ग्रामोफोन कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड’ के नाम से जाना जाता था) ने अदालत को बताया कि उसने 1976 और 2001 के बीच विभिन्न फिल्म निर्माताओं (Producers) के साथ कानूनी ‘असाइनमेंट एग्रीमेंट’ (Assignment Agreements) किए थे। इन समझौतों के तहत फिल्मों के गानों के साउंड रिकॉर्डिंग, संगीत और साहित्यिक कार्यों (गीत के बोल) के कॉपीराइट सीधे कंपनी के पास आ गए थे।
विवाद की शुरुआत: सारेगामा को फरवरी 2026 के पहले सप्ताह में पता चला कि अमेज़न म्यूजिक (Amazon Music), आईट्यून्स (iTunes) और जियोसावन (JioSaavn) जैसे प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इन गानों का उल्लंघन करके उपयोग किया जा रहा है और इलैयाराजा इस संगीत पर अपना मालिकाना हक जता रहे हैं।
इलैयाराजा का कानूनी नोटिस: इससे पहले, इलैयाराजा ने 13 जनवरी, 2026 को सारेगामा को एक कानूनी नोटिस भेजा था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उनके द्वारा रचित, व्यवस्थित और सुरीले बनाए गए संगीत (Musical Works) के वास्तविक स्वामी वे स्वयं हैं।
अदालत का रुख: सारेगामा का पक्ष ‘प्रथम दृष्ट्या’ मजबूत
न्यायाधीश तुषार राव गडेला ने इससे पहले 13 फरवरी, 2026 को सारेगामा के पक्ष में एकतरफा अंतरिम आदेश पारित किया था।
प्रथम दृष्ट्या मजबूत मामला (Prima Facie Case): सारेगामा ने पुराने समझौतों के आधार पर अपने अधिकारों का एक मजबूत प्राथमिक साक्ष्य प्रस्तुत किया है।
सुविधा का संतुलन (Balance of Convenience): कानूनी तौर पर सुविधा का पलड़ा कंपनी के पक्ष में झुका हुआ है।
अपूर्णीय क्षति (Irreparable Loss): यदि इस मोड़ पर कंपनी को अंतरिम विधिक संरक्षण नहीं दिया गया, तो उसे भारी और अपूर्णीय वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अदालत ने बुधवार को संगीतकार की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए इस रोक को हटाने से साफ इनकार कर दिया। इसके तहत इलैयाराजा या उनके प्रतिनिधि इन गानों को किसी तीसरी पार्टी को लाइसेंस नहीं दे सकते और न ही मालिकाना हक का दावा कर सकते हैं।
प्रभावित होने वाली प्रमुख फिल्में
इस अंतरिम आदेश के दायरे में इलैयाराजा की संगीत यात्रा की कई बेहतरीन और ऐतिहासिक फिल्में शामिल हैं, जैसे अन्नाकिली (Annakkili), 16 वयथिनिले (16 Vayathiniley), कविक्कुयिल (Kavikkuyil), भारती (Bharathi), पल्लवी अनु पल्लवी (Pallavi Anu Pallavi), मुल्लुम मलरुम (Mullum Malarum), राजा पार्वई (Raaja Paarvai), नेत्रिकन (Netrikkann), कल्याणरामन (Kalyanaraman) आदि हैं।
केस मैट्रिक्स: दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश (Case Summary)
| विधिक और प्रशासनिक श्रेणियां | दिल्ली उच्च न्यायालय की विधिक स्थिति (2026) |
| संबंधित अदालत | दिल्ली उच्च न्यायालय, नई दिल्ली |
| माननीय न्यायाधीश | जस्टिस तुषार राव गडेला (एकल पीठ) |
| केस संदर्भ | सारेगामा बनाम इलैयाराजा (Saragama Vs Ilaiyaraaja) |
| विवाद का विषय | 134 फिल्मों के साउंड रिकॉर्डिंग, संगीत और साहित्यिक कृतियों का कॉपीराइट। |
| सारेगामा के वकील | वरिष्ठ अधिवक्ता चंदर एम. लाल और अखिल सिबल (खेतान एंड कंपनी) |
| इलैयाराजा के वकील | वरिष्ठ अधिवक्ता स्वाति सुकुमार |
| अदालत का अंतिम निर्णय | संगीतकार इलैयाराजा की अंतरिम रोक हटाने वाली याचिका खारिज। सारेगामा के पक्ष में निषेधाज्ञा जारी रहेगी। |

