Saturday, September 12, 2026
HomeSupreme CourtManual Scavenging: मौतों का सिलसिला बंद होना ही चाहिए...मैनुअल स्कैवेंजिंग (हाथ से...

Manual Scavenging: मौतों का सिलसिला बंद होना ही चाहिए…मैनुअल स्कैवेंजिंग (हाथ से मैला ढोने) के खात्मे पर मुख्य सचिवों को अवमानना नोटिस

केस मैट्रिक्स: Supreme Court Contempt Notice on Manual Scavenging

पहलूविवरण
संबंधित अदालतसर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India)
माननीय पीठजस्टिस अरविंद कुमार एवं जस्टिस विपुल एम. पंचोली
केस का नामडॉ. बलराम सिंह बनाम भारत संघ व अन्य (Dr. Balram Singh v. UOI)
मुख्य मुद्दासीवर सफाई में हो रही मौतों और 2023 के आदेश के गैर-अनुपालन पर अवमानना कार्यवाही
दर्ज मौतें2024 में 54 मौतें और 2025 में 46 मौतें
वर्तमान स्थिति15 राज्यों के मुख्य सचिवों को 4 सप्ताह में कारण बताओ हलफनामा दाखिल करने का आदेश।

Manual Scavenging: देश भर में हाथ से मैला ढोने और सीवर/सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान हो रही मौतों को पूरी तरह रोकने के लिए जारी अदालती निर्देशों का पालन न होने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है।

शीर्ष कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने सभी 15 राज्यों के मुख्य सचिवों को 4 सप्ताह के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा (Affidavit) दाखिल कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए। अदालत ने निर्देशों की जानबूझकर अवहेलना करने पर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार और महाराष्ट्र समेत 15 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों (Chief Secretaries) को कारण बताओ अवमानना नोटिस (Contempt Notice) जारी किया है।

मामला क्या था?: 2023 के ऐतिहासिक फैसले के बावजूद सीवर में मौतें जारी

  • 2023 का फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने 20 अक्टूबर 2023 को डॉ. बलराम सिंह बनाम भारत संघ मामले में 14 विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि केंद्र और राज्य सरकारें मैनुअल स्कैवेंजिंग को पूरी तरह से समाप्त करने और सीवर सफाई का शत-प्रतिशत मशीनीकरण (Mechanization) सुनिश्चित करने के लिए संवैधानिक रूप से बाध्य हैं।
  • अदालत में आंकड़े: सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी (Amicus Curiae) वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद:
    • वर्ष 2024 में: संबंधित राज्यों में 54 लोगों की मौत सीवर सफाई के दौरान हुई।
    • वर्ष 2025 में: 46 और लोगों की जान चली गई

इन डरावने आंकड़ों पर चिंता जताते हुए पीठ ने राज्यों के वकीलों को कड़ी फटकार लगाई।

सर्वोच्च न्यायालय की मुख्य विधिक टिप्पणियां

कहीं न कहीं यह मौतों का सिलसिला रुकना ही चाहिए

जस्टिस अरविंद कुमार ने महाराष्ट्र, तमिलनाडु और दिल्ली जैसे राज्यों के रुख पर बेहद नाराजगी जताई।

सुप्रीम कोर्ट की मुख्य टिप्पणी: “हमने बिल्कुल साफ कर दिया था कि हाथ से मैला ढोने का काम पूरी तरह बंद होना चाहिए, फिर भी मौतें हो रही हैं। कहीं न कहीं तो इस सिलसिले को रुकना ही होगा। ऐसा प्रतीत होता है कि हमारे द्वारा जारी किए गए निर्देश जमीनी स्तर तक नहीं पहुंचे हैं और पर्याप्त सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए हैं।”

दिल्ली सरकार को विशेष रूप से फटकार

राजधानी का उदाहरण देते हुए पीठ ने कहा: “दिल्ली की तरफ से कौन पेश हो रहा है? हम आपके मुख्य सचिव को शो-कॉज नोटिस जारी कर रहे हैं। दिल्ली में 2024 में 7 मौतें और 2025 में 5 मौतें दर्ज की गई हैं।”

जिन 15 राज्यों के मुख्य सचिवों को नोटिस जारी हुआ

  1. उत्तर प्रदेश (UP)
  2. दिल्ली (Delhi)
  3. बिहार (Bihar)
  4. महाराष्ट्र (Maharashtra)
  5. तमिलनाडु (Tamil Nadu)
  6. राजस्थान (Rajasthan)
  7. पंजाब (Punjab)
  8. हरियाणा (Haryana)
  9. मध्य प्रदेश (MP)
  10. गुजरात (Gujarat)
  11. पश्चिम बंगाल (West Bengal)
  12. कर्नाटक (Karnataka)
  13. तेलंगाना (Telangana)
  14. झारखंड (Jharkhand)
  15. गोवा (Goa)

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

  • हलफनामे की समय सीमा: सभी 15 राज्यों के मुख्य सचिवों को 4 सप्ताह के भीतर अपना जवाब हलफनामे के माध्यम से दाखिल करना होगा।
  • सख्त चेतावनी: यदि कोर्ट दिए गए जवाबों से संतुष्ट नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना अधिनियम (Contempt of Courts Act) के तहत औपचारिक रूप से कार्यवाही शुरू की जाएगी।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Patna
broken clouds
30 ° C
30 °
30 °
74 %
3.1kmh
78 %
Sat
30 °
Sun
36 °
Mon
35 °
Tue
34 °
Wed
34 °

Recent Comments