Wednesday, November 4, 2026
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International Yoga Day: ब्रिगेड ग्राउंड में क्यों नहीं किया गया आयोजन?; पीएम मोदी के कार्यक्रम के तुरंत बाद रेड रोड खोलने का आदेश

International Yoga Day: कोलकाता हाईकोर्ट ने आगामी 21 जून 2026 को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम और उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर कोलकाता की सड़कों पर लगे लंबे ट्रैफिक प्रतिबंधों पर कड़ा रुख अपनाया है।

ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन ने दायर की थी याचिका

हाई कोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन (All India Lawyers Union) द्वारा पुलिस कमिश्नर के इस नोटिफिकेशन के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। हालांकि, कोर्ट ने ऐन वक्त पर कार्यक्रम पर कोई अंतरिम रोक (Interim Order) लगाने से इनकार कर दिया, लेकिन पुलिस को वकीलों और नागरिकों के लिए तुरंत प्रभावी वैकल्पिक मार्ग (Alternative Routes) मुहैया कराने का सख्त निर्देश दिया है।

रेड रोड (Red Road) और उसके आसपास की सड़कों को तैयारी

अदालत ने कोलकाता पुलिस द्वारा मुख्य रेड रोड (Red Road) और उसके आसपास की सड़कों को तैयारियों के नाम पर पूरे 7 दिनों (14 जून से 21 जून) के लिए बंद करने के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने कहा कि हालांकि यह कार्यक्रम पूरी तरह गैर-राजनीतिक (Apolitical) है, लेकिन तैयारियों के नाम पर शहर की एक मुख्य लाइफलाइन को एक हफ्ते तक बंद रखना अभूतपूर्व और आम जनता व वकीलों के लिए बेहद असुविधाजनक है।

मुख्य सड़क पर कार्यक्रम आयोजन पर पूछे तीखे सवाल

सुनवाई के दौरान जब राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) बिल्वदल भट्टाचार्य ने दलील दी कि भारत इस बार कोलकाता से दुनिया का नेतृत्व कर रहा है, तो जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा, अगर यह राष्ट्रीय कार्यक्रम पड़ोसी ‘ब्रिगेड परेड ग्राउंड’ (Brigade Parade Ground) में आयोजित किया जाता, तो क्या इस कार्यक्रम का महत्व कम हो जाता? कम से कम कोलकाता के निवासियों को इस मुख्य सड़क (Red Road) का उपयोग करने की अनुमति तो मिलती।

मुख्य विधिक मुद्दे: ‘ईद की नमाज पर पाबंदी और योग दिवस पर 7 दिन का ब्लॉक?’

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य ने अदालत के समक्ष कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विधिक तर्क रखे।

तैयारियों के लिए इतना लंबा ब्लॉक क्यों?: याचिकाकर्ता ने दलील दी कि पुलिस के पास बिना किसी पूर्व सार्वजनिक नोटिस के शहर की इतनी व्यस्त सड़क को पूरे एक हफ्ते तक बंद रखने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें 21 जून (कार्यक्रम के दिन) सड़क बंद रहने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन केवल तैयारियों के नाम पर 14 जून से ही पैदल यात्रियों और वाहनों को रोकना प्रशासनिक मनमानेपन को दर्शाता है।

प्रशासनिक विरोधाभास: याचिका में यह भी याद दिलाया गया कि पिछले महीने इसी प्रशासन ने ‘असुविधा’ का हवाला देकर रेड रोड पर ईद की नमाज (Eid Prayers) के आयोजन को रोकने का विधिक तर्क दिया था, लेकिन अब उसी सड़क को 8 दिनों के लिए बंद कर पूरे शहर के ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया है।

वकीलों की परेशानी: रेड रोड बंद होने के कारण हाई कोर्ट आने वाले वकीलों और मुवक्किलों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, जिससे अदालत के विधिक कामकाज पर असर पड़ रहा था।

राज्य सरकार का तर्क और कोर्ट का अंतिम विधिक निर्देश

राज्य सरकार (AAG) ने याचिका की विचारणीयता (Maintainability) पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कोई जनहित याचिका (PIL) नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक आधिकारिक राज्य कार्यक्रम है और चूंकि प्रधानमंत्री इसमें शामिल हो रहे हैं, इसलिए विशेष सुरक्षा समूह (SPG) के कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत यह कदम उठाना अनिवार्य था। इसके अलावा, रेड रोड भारतीय सेना (Indian Army) के नियंत्रण में आती है और सेना के पूर्वी कमांड (Eastern Command) ने इस आयोजन की बकायदा विधिक अनुमति दी है।

जस्टिस सौगत भट्टाचार्य के निर्देश

तत्काल सड़क खोलने का आदेश: अदालत ने कोलकाता पुलिस को सख्त निर्देश दिया है कि 21 जून 2026 को योग दिवस का कार्यक्रम समाप्त होते ही बिना किसी देरी के रेड रोड को आम जनता और यातायात के लिए तुरंत खाली (Reopen) कर दिया जाए।

वैकल्पिक सुगम मार्ग: कोर्ट ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि जब तक सड़क बंद है, तब तक वकीलों और आम नागरिकों को उनके कार्यस्थलों तक पहुंचने के लिए प्रभावी वैकल्पिक ट्रैफिक व्यवस्था की जाए।

रक्षा मंत्रालय को पक्षकार बनाने का निर्देश: चूंकि रेड रोड का मालिकाना हक सेना के पास है, इसलिए कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को इस मामले में केंद्रीय रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) या पूर्वी कमांड को एक प्रतिवादी (Respondent) के रूप में शामिल करने को कहा है।

विधिक समीक्षा जारी रहेगी: अदालत ने साफ किया कि पुलिस कमिश्नर के इस नोटिफिकेशन की विधिक वैधता पर विस्तृत सुनवाई और फैसला दोनों पक्षों द्वारा औपचारिक जवाबी हलफनामा (Affidavits) दायर किए जाने के बाद ही किया जाएगा।

विधिक एवं केस सारांश (Case Matrix)

विधिक बिंदुकलकत्ता उच्च न्यायालय का विधिक रुख (18 जून 2026)
याचिकाकर्ताऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन (वकील एसोसिएशन)।
प्रतिवादी पक्षपश्चिम बंगाल राज्य और कोलकाता पुलिस प्रशासन।
सुनवाई करने वाले जजजस्टिस सौगत भट्टाचार्य।
विवाद का कारणअंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) की तैयारियों के लिए 14 से 21 जून तक रेड रोड का पूर्ण ब्लॉकेड।
अदालत का अंतिम आदेशअंतरिम रोक नहीं, लेकिन 21 जून को कार्यक्रम खत्म होते ही तुरंत सड़क खोलने और तब तक सुगम वैकल्पिक मार्ग देने का आदेश।
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