Security Breach: वाराणसी के जिला न्यायालय में जिला जज की कुर्सी पर महिला बैठ गई और मुकदमे की सुनवाई करने लगी।
सोशल मीडिया पर कथित वीडियो तेजी से हो रहा वायरल
दरअसल, 12 जून 2026 की सुबह बेहद अजीबोगरीब और अफरा-तफरी की स्थिति वाराणसी के जिला न्यायालय (Varanasi District Court) परिसर में तब पैदा हो गई, जब एक अधेड़ उम्र की महिला सुरक्षा घेरे को तोड़कर सीधे कोर्ट रूम के भीतर घुस गई। महिला न सिर्फ डायस (Dais) पर चढ़ी, बल्कि सीधे अपर जिला जज (ADJ) की मुख्य कुर्सी पर जाकर बैठ गई और खुद को जज घोषित करते हुए मुकदमों की सुनवाई करने का प्रयास करने लगी। इस घटना का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिला न्यायाधीश की गरिमामयी कुर्सी पर बैठी नजर आ रही है। प्रत्यक्षदर्शियों और वकीलों के अनुसार, महिला ने बकायदा जज का हथौड़ा (Gavel) उठाया, उसे टेबल पर जोर-जोर से थपथपाया और चिल्लाने लगी:
जानिए कैसे-कैसे हुआ घटनाक्रम
“ऑर्डर, ऑर्डर!… आज की जिला जज मैं हूं। मेरे सामने सारे गवाह और सबूत पेश किए जाएं!”
खाली कोर्ट रूम देख सीधे डायस पर चढ़ी, यह पूरी घटना 12 जून 2026 की सुबह करीब 9:00 बजे की है, जब अदालत की कार्यवाही शुरू होने वाली थी।
जज छुट्टी पर थे: अपर जिला जज (ADJ) यजुवेंद्र विक्रम सिंह उस दिन अवकाश पर थे। कोर्ट रूम में केवल अदालती स्टाफ और कुछ वकील मौजूद थे।
फाइलों को पलटने लगी: महिला अचानक कोर्ट रूम में दाखिल हुई और वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछा कि ‘जज साहब आमतौर पर किस समय आते हैं?’ इसके तुरंत बाद, इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, वह तेजी से डायस की तरफ बढ़ी और जज की कुर्सी पर काबिज हो गई। यही नहीं, उसने टेबल पर रखीं कोर्ट की गोपनीय केस फाइलों को भी पलटना शुरू कर दिया।
वकीलों को दी घुड़की: कोर्ट स्टाफ और वकीलों ने करीब एक घंटे तक महिला को समझा-बुझाकर कुर्सी से उतारने की कोशिश की, लेकिन उसने नीचे उतरने से साफ इनकार कर दिया और जो भी उसके पास जाने की कोशिश करता, वह उस पर जोर से चिल्लाने लगती।
महिला पुलिस ने 1 घंटे की मशक्कत के बाद उतारा; पहले भी कर चुकी है ऐसा
अदालत परिसर में मचे इस हंगामे की सूचना तुरंत स्थानीय कैंट (Cantt) थाना पुलिस को दी गई।
पुलिस कस्टडी: मौके पर पहुंचे कैंट पुलिस के जवानों, जिनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं, ने काफी मशक्कत के बाद महिला को जज की कुर्सी से हटाया और हिरासत में लेकर थाने ले आई।
मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति: पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ और जांच के बाद बताया कि महिला का व्यवहार सामान्य नहीं था और वह गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं (Mental Health Issues) से जूझ रही प्रतीत हो रही थी। इस मानवीय आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करते हुए उसे सुरक्षित उसके परिवार के सदस्यों को सौंप दिया।
पुरानी आदत: स्थानीय वकीलों का दावा है कि यह महिला पहले भी इसी तरह कोर्ट परिसर में आकर जज की कुर्सी पर बैठने का प्रयास कर चुकी है।
विधिक एवं प्रशासनिक एक्शन: सुरक्षा चूक पर जवाब तलब
भले ही महिला को मानसिक अस्वस्थता के कारण छोड़ दिया गया हो, लेकिन कोर्ट रूम की सुरक्षा में हुई इस बेहद गंभीर चूक (Security Breach) को न्यायपालिका ने हल्के में नहीं लिया है।
| प्रशासनिक कदम (Administrative Actions) | वाराणसी कोर्ट द्वारा जारी विधिक निर्देश |
| कोर्ट रूम का निरीक्षण | स्थिति शांत होने के बाद एडीजे (ADJ) यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने खुद कोर्ट रूम का बारीकी से निरीक्षण किया कि कहीं फाइलों के साथ कोई छेड़छाड़ तो नहीं हुई। |
| सुरक्षा पर सवाल | कोर्ट परिसर में मेटल डिटेक्टर और भारी पुलिस बल होने के बावजूद एक बाहरी महिला का सीधे जज की कुर्सी तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। |
| विभागीय जांच के आदेश | जज ने इस पूरी घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए आधिकारिक जांच (Official Inquiry) के आदेश दे दिए हैं। |
| स्पष्टीकरण (Explanation) | उस समय कोर्ट रूम और परिसर की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है कि महिला सुरक्षा घेरा बाईपास करके अंदर कैसे घुसी। |

