Wednesday, June 24, 2026
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USA News: 65 साल पहले फिदेल कास्त्रो सरकार द्वारा जब्त संपत्ति पर ExxonMobil का मुकदमा बरकरार…जानिए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला

USA News: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने वैश्विक तेल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एक्सॉनमोबिल (ExxonMobil) के पक्ष में एक अत्यंत ऐतिहासिक और बड़ा फैसला सुनाया है।

अदालत ने 6-3 के बहुमत से व्यवस्था दी है कि एक्सॉनमोबिल, क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार द्वारा 65 साल पहले जब्त की गई अपनी अरबों डॉलर की संपत्ति के एवज में क्यूबा की सरकारी कंपनियों के खिलाफ अमेरिकी अदालतों में मुकदमा चला सकती है। इस फैसले के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के उस फैसले को पलट दिया है, जिसमें क्यूबा की सरकारी कंपनियों को ‘विदेशी संप्रभु उन्मुक्ति’ (Foreign Sovereign Immunity) के तहत अमेरिकी मुकदमों से सुरक्षा (कवच) दी गई थी।

मामले की पृष्ठभूमि: कास्त्रो राज में ज़ब्त हुई थी ‘स्टैंडर्ड ऑयल’ की संपत्ति

यह विधिक विवाद शीत युद्ध (Cold War) के दौर के एक ऐतिहासिक घटनाक्रम से जुड़ा है।

1960 की राष्ट्रीयकरण कार्रवाई: फिदेल कास्त्रो के क्यूबा की सत्ता संभालने के बाद, 1960 में वहां की कम्युनिस्ट सरकार ने विदेशी कंपनियों की संपत्तियों का बड़े पैमाने पर राष्ट्रीयकरण (Confiscation) कर दिया था। इसमें एक्सॉनमोबिल की पूर्ववर्ती कंपनी ‘स्टैंडर्ड ऑयल को.’ (Standard Oil Co.) की संपत्तियां भी शामिल थीं।

क्या-क्या हुआ था जब्त?: क्यूबा सरकार ने कंपनी की तेल रिफाइनरियों, उत्पाद टर्मिनलों, पैकेजिंग प्लांट और 100 से अधिक सर्विस स्टेशनों (पेट्रोल पंपों) को बिना किसी मुआवजे के अपने नियंत्रण में ले लिया था। वर्तमान में क्यूबा की सरकारी तेल कंपनी ‘यूनियन क्यूबा-पेट्रोलियो’ (CUPET) और सरकारी समूह ‘सिमेक्स’ (CIMEX) इनका संचालन कर रहे हैं।

दावे का मूल्य: अमेरिकी न्याय विभाग के एक प्रभाग (Foreign Claims Settlement Commission) ने 1969 में प्रमाणित किया था कि 1960 में इस संपत्ति का मूल्य 7.16 करोड़ डॉलर था। 1960 से 6% वार्षिक ब्याज और हर्जाने (Treble Damages) को जोड़ दिया जाए, तो आज इस दावे की कुल कीमत लगभग 3 अरब डॉलर (₹25,000 करोड़ से अधिक) बैठती है।

सुप्रीम कोर्ट का विधिक विश्लेषण: हेल्म्स-बर्टन एक्ट बनाम FSIA

‘एक्सॉन मोबिल कॉर्पोरेशन बनाम कॉर्पोरेशन सिमेक्स, एस.ए.’ मामले में मुख्य कानूनी पेंच दो अमेरिकी कानूनों के टकराव को लेकर था।

फॉरेन सॉवरेन इम्युनिटीज एक्ट (FSIA), 1976: यह सामान्य कानून अमेरिकी अदालतों में किसी विदेशी सरकार या उसकी कंपनियों पर मुकदमा चलाने से रोकता है (कुछ ही अपवादों को छोड़कर)।

हेल्म्स-बर्टन एक्ट (Helms-Burton Act), 1996: इस कानून का टाइटल III (Title III) अमेरिकी नागरिकों और कंपनियों को उन सभी संस्थाओं के खिलाफ मुकदमा दायर करने का अधिकार देता है, जो क्यूबा सरकार द्वारा जब्त की गई संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग (Trafficking) कर रही हैं।

जस्टिस ब्रेट कवानॉग (Justice Brett Kavanaugh) ने बहुमत का फैसला लिखते हुए स्पष्ट किया कि 1996 में कांग्रेस द्वारा बनाया गया ‘हेल्म्स-बर्टन एक्ट’ क्यूबा की सरकारी एजेंसियों की संप्रभु उन्मुक्ति को पूरी तरह से समाप्त (Abrogate) करता है। इसके तहत मुकदमा चलाने के लिए वादी को FSIA के तहत मिलने वाले किसी अतिरिक्त अपवाद को साबित करने की आवश्यकता नहीं है।

उदारवादी जजों की असहमति (Dissent)

इस 3-3 के फैसले में तीन उदारवादी न्यायाधीशों जस्टिस एलिना कगन, जस्टिस सोनिया सोटोमेयर और जस्टिस केतनजी ब्राउन जैक्सन ने असहमति जताई।

ट्रम्प प्रशासन की क्यूबा नीति को मिलेगी और मजबूती

राजनीतिक और रणनीतिक तौर पर इस फैसले को डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन की क्यूबा पर दबाव बढ़ाने की नीति के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है।

ट्रम्प ने हटाई थी रोक: हेल्म्स-बर्टन एक्ट बनने के बाद से बिल क्लिंटन, जॉर्ज बुश और बराक ओबामा जैसे हर अमेरिकी राष्ट्रपति ने वैश्विक सहयोगियों (जैसे यूरोपीय संघ और कनाडा, जिनके हित क्यूबा से जुड़े हैं) के विरोध के डर से इस कानून के ‘टाइटल III’ को निलंबित (Suspend) रखा था।

2019 का यू-टर्न: अपने पहले कार्यकाल के दौरान, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मई 2019 में इस निलंबन को हटा दिया था। निलंबन हटते ही एक्सॉनमोबिल ने उसी दिन क्यूबा की सरकारी कंपनियों पर मुकदमा ठोक दिया था।

एक महीने में दूसरी बड़ी जीत: क्यूबा में जब्त संपत्तियों के मालिकों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का पिछले दो महीनों में यह दूसरा बड़ा फैसला है। पिछले महीने ही अदालत ने हवाना के बंदरगाहों (Docks) पर दावा करने वाली एक अमेरिकी कंपनी को उन क्रूज़ लाइनों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी जिन्होंने ओबामा काल में वहां पर्यटकों को पहुंचाया था।

केस मैट्रिक्स और विधिक सारांश (Case Overview)

कानूनी और अंतरराष्ट्रीय बिंदुअमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला (२३ जून, २०२६)
संबंधित अदालतसंयुक्त राज्य अमेरिका का सर्वोच्च न्यायालय (U.S. Supreme Court)
बहुमत का फैसला6-3 से एक्सॉनमोबिल के पक्ष में
बहुमत का नेतृत्वजस्टिस ब्रेट कवानॉग (Majority Opinion)
असहमत न्यायाधीशजस्टिस एलिना कगन, सोनिया सोटोमेयर और केतनजी ब्राउन जैक्सन
मुख्य पक्षकारएक्सॉन मोबिल कॉर्प बनाम कॉर्पोरेशन सिमेक्स, एस.ए. (Exxon Mobil Corp. v. Corporación Cimex, S.A.)
कानूनी प्रावधानहेल्म्स-बर्टन एक्ट, 1996 का टाइटल III (Title III)
दावे की अनुमानित राशिलगभग 3 अरब डॉलर (ब्याज और हर्जाने सहित)
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