Wednesday, October 28, 2026
HomeHigh CourtCriminal Contempt: कर्मचारियों के डीए भुगतान आदेश...चीफ जस्टिस की पदोन्नति से जोड़ना;...

Criminal Contempt: कर्मचारियों के डीए भुगतान आदेश…चीफ जस्टिस की पदोन्नति से जोड़ना; न्यायपालिका की गरिमा पर हमला करने पर CJP के सौरभ दास पर याचिका

याचिकाकर्ता की दलीलें (BJYM नेता नितिन गर्ग का पक्ष)

  • झूठे दावों से भ्रम फैलाना: याचिका में कहा गया कि अदालत ने भुगतान की समय-सीमा 30 से 15 दिन नहीं घटाई थी, बल्कि एक नई और व्यावहारिक समय-सीमा दी थी। साथ ही, ₹20,000 करोड़ का वित्तीय दायित्व का दावा भी भ्रामक है।
  • तथ्यात्मक गलतियां: 6 अगस्त को जस्टिस मिश्रा को “पदोन्नत” नहीं किया गया था, बल्कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने केवल उनके नाम की सिफारिश की थी। एक सिफारिश को पदोन्नति बताकर उसे राजनीतिक लाभ से जोड़ना बदनामी की नीयत से किया गया कृत्य है।
  • न्यायपालिका पर सीधा हमला: याचिका के अनुसार, दास का पोस्ट केवल एक न्यायाधीश पर नहीं, बल्कि कॉलेजियम प्रणाली, सुप्रीम कोर्ट और न्यायिक नियुक्तियों की पूरी नींव पर दुर्भावनापूर्ण हमला है।

याचिका में की गई मांगें

  1. अपराधिक अवमानना: अदालत की साख को बट्टा लगाने (Scandalising the Court) के लिए सौरव दास के खिलाफ आपराधिक अवमानना कानून (Contempt of Courts Act, 1971) की धारा 12 के तहत दंडात्मक कार्यवाही शुरू की जाए।
  2. पोस्ट हटाना: X (ट्विटर) से उक्त पोस्ट और उससे जुड़े पुनः शेयर किए गए कंटेंट को तुरंत हटाने का आदेश दिया जाए।
  3. सार्वजनिक माफी: सौरव दास को ‘X’ पर उसी प्रमुखता के साथ बिना शर्त सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का निर्देश दिया जाए।

चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और न्यायिक पीठ पर राजनीतिक पूर्वाग्रह के झूठे आरोप लगाने तथा पंजाब सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA/DR) से जुड़े फैसले को पार्टी की राजनीति से जोड़ने के आरोप में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरभ दास (Saurav Das) के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में आपराधिक अवमानना (Criminal Contempt) की याचिका दायर की गई है।

यह याचिका भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) पंजाब इकाई के प्रदेश महासचिव और अधिवक्ता नितिन गर्ग द्वारा दायर की गई है। याचिका में सौरभ दास के खिलाफ न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 12 के तहत आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने, विवादित पोस्ट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ से हटाने और उनसे उसी माध्यम पर बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने का निर्देश देने की मांग की गई है।

Also Read; Criminal Contempt: बार-बार दोहराया गया झूठ कभी सच नहीं बन जाता; जजों को बदनाम करना निष्पक्ष आलोचना नहीं, 81 वर्षीय वादी पर यह टिप्पणी दी

विवाद का केंद्र: हाईकोर्ट का DA/DR आदेश और सौरभ दास का ‘X’ पोस्ट

1. हाईकोर्ट का 3 अगस्त का मूल फैसला

मुख्य न्यायाधीश अश्विनी कुमार मिश्रा (तत्कालीन कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश) और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने 3 अगस्त 2026 को पंजाब सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) को निर्देश दिया था कि वे अपने सभी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित डीए/डीआर (DA/DR) की किस्तों का तत्काल भुगतान करें। साथ ही, बकाया चुकता होने तक प्रिंट या सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर विज्ञापन अभियानों जैसे अनुत्पादक खर्चों पर रोक लगाने का आदेश दिया था।

2. सौरभ दास द्वारा ‘X’ (ट्विटर) पर लगाए गए आरोप

सौरभ दास ने 20 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया था:

  • कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने रोस्टर का उल्लंघन करते हुए इस राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले को एक “स्वतंत्र पीठ” से वापस लेकर खुद सुना।
  • अदालत ने भाजपा की राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी पंजाब सरकार (आप) के खिलाफ ₹20,000 करोड़ का वित्तीय बोझ थोप दिया और भुगतान की समयसीमा 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दी।
  • इस फैसले को उन्होंने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश से जोड़ते हुए ‘क्विड प्रो क्वो’ (Quid Pro Quo / सांठगांठ) का संकेत दिया।

अवमानना याचिका में उठाए गए मुख्य विधिक तर्क

1. कॉलेजियम प्रणाली और न्यायिक नियुक्तियों पर सुनियोजित हमला

अधिवक्ता नितिन गर्ग द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि सौरभ दास का पोस्ट न्यायपालिका की निष्पक्षता को कलंकित करने और जनता के विश्वास को कमजोर करने के इरादे से वायरल करने के लिए लिखा गया था:

  • सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश को “पदोन्नति” (Promotion) का नाम देकर राजनीतिक सौदेबाजी के रूप में प्रस्तुत करना सर्वोच्च अदालत, कॉलेजियम व्यवस्था और न्यायिक गरिमा पर सीधा हमला है।
  • मुख्य न्यायाधीश ‘मास्टर ऑफ द रोस्टर’ (Master of the Roster) होते हैं; संस्थागत ढांचे के तहत मामलों का आवंटन करना रोस्टर का उल्लंघन नहीं होता।

2. तथ्यात्मक रूप से भ्रामक दावे

याचिका में स्पष्ट किया गया है कि सौरभ दास के पोस्ट में किए गए दावे झूठे और भ्रामक थे:

  • कोई नई वित्तीय देनदारी नहीं: खंडपीठ ने केवल सिंगल जज के फैसले की पुष्टि की थी और कर्मचारियों के पहले से लंबित वैधानिक अधिकारों को लागू करने का आदेश दिया था।
  • समयसीमा में छूट: मूल समयसीमा (30 जून 2026) पहले ही समाप्त हो चुकी थी; अदालत ने समयसीमा घटाई नहीं बल्कि 15 दिनों का नया व्यावहारिक समय दिया था।

3. सोशल मीडिया पर जजों को बदनाम करना ‘निष्पक्ष आलोचना’ नहीं

याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन बनाम कपिल कक्कड़ (2026) के निर्णय का हवाला देते हुए रेखांकित किया गया है कि सिटिंग जजों के प्रति सोशल मीडिया पर दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाना निष्पक्ष टिप्पणी (Fair Comment) के दायरे में नहीं आता, बल्कि यह आपराधिक अवमानना का स्पष्ट मामला है।

याचिका में मांगी गई प्रमुख राहतें

  1. आपराधिक अवमानना कार्यवाही: सौरभ दास को न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1971 के तहत नोटिस जारी कर अधिकतम सजा (6 माह तक का साधारण कारावास और/या जुर्माना) दी जाए।
  2. पोस्ट हटाने का निर्देश (Takedown): ‘X’ प्लेटफॉर्म और अन्य डिजिटल माध्यमों से विवादित पोस्ट और उसके री-पोस्ट्स को तत्काल हटाने का आदेश दिया जाए।
  3. सार्वजनिक बिना शर्त माफी: सौरभ दास को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर उसी प्रमुखता के साथ बिना शर्त माफीनामा पोस्ट करने का निर्देश दिया जाए।
  4. हाईकोर्ट के खिलाफ अपमानजनक सामग्री पर रोक: भविष्य में उच्च न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले ऐसे अनर्गल प्रकाशनों पर रोक लगाई जाए।

विधिक विवरण

  • याचिकाकर्ता: अधिवक्ता नितिन गर्ग (प्रदेश महासचिव, BJYM पंजाब)
  • प्रतिवादी: सौरभ दास (सह-संयोजक/प्रवक्ता, CJP)
  • अदालत: पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय

Criminal Contempt:मामले का विवरण (At a Glance)

विवरणजानकारी
संबंधित अदालतपंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय (Punjab and Haryana High Court)
याचिकाकर्तानितिन गर्ग (प्रदेश महासचिव, BJYM पंजाब)
प्रतिवादीसौरव दास (सह-संयोजक, CJP)
विवाद का विषयX (ट्विटर) पर पोस्ट के जरिए मुख्य न्यायाधीश/कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश और न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठाना।
मांगी गई राहतआपराधिक अवमानना की कार्यवाही, X से विवादित पोस्ट हटाना और बिना शर्त सार्वजनिक माफीनामा।
RELATED ARTICLES

Most Popular

Patna
overcast clouds
23.2 ° C
23.2 °
23.2 °
71 %
0.3kmh
100 %
Wed
29 °
Thu
22 °
Fri
22 °
Sat
27 °
Sun
30 °

Recent Comments