Saturday, May 30, 2026
HomeScam NoseMoney Laundering: कैसे रचा 200 करोड़ का साम्राज्य…बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन, सुकेश चंद्रशेखर...

Money Laundering: कैसे रचा 200 करोड़ का साम्राज्य…बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन, सुकेश चंद्रशेखर की पोल ईडी ने खोली, पढ़िए तय आरोप

Money Laundering: दिल्ली की एक अदालत ने 200 करोड़ रुपये के हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज, मुख्य आरोपी सुकेश चंद्रशेखर और 15 अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है।

अदालत का फैसला और सख्त टिप्पणी

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) प्रशांत शर्मा ने आदेश जारी करते हुए कहा, प्रथम दृष्टया (Prima facie), रिकॉर्ड पर ऐसी पर्याप्त सामग्री मौजूद है जिसके आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ एक मजबूत संदेह (Strong suspicion) पैदा होता है। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि सभी आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 3 (मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध) के तहत आरोप तय किए जाने चाहिए, जो PMLA की धारा 4 के तहत दंडनीय है। अदालत ने सभी 17 आरोपियों को 3 जून को औपचारिक रूप से आरोप तय करने के लिए तलब किया है, जिसके तुरंत बाद मामले का ट्रायल (मुकदमा) शुरू हो जाएगा। अदालत ने माना है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए रिकॉर्ड पर पर्याप्त शुरुआती सबूत मौजूद हैं।

जैकलीन फर्नांडीज पर ED के गंभीर आरोप

कड़ा विरोध: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी पूरक चार्जशीट में जैकलीन को पहली बार आरोपी बनाया था। इसी महीने अदालत ने जैकलीन को उस याचिका को वापस लेने की अनुमति दे दी थी, जिसमें उन्होंने इस मामले में ‘सरकारी गवाह’ (Approver) बनने की इच्छा जताई थी। ED ने इस याचिका का कड़ा विरोध किया था।

लगातार संपर्क और महंगे उपहार: ED का आरोप है कि जैकलीन, सुकेश चंद्रशेखर के लगातार संपर्क में थीं। उन्होंने सहयोगी पिंकी ईरानी के माध्यम से सुकेश से बेहद कीमती और विलासितापूर्ण उपहार (Luxurious gifts) प्राप्त किए।

अपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी: एजेंसी ने जैकलीन के ‘अनजान पीड़ित’ (Unwitting victim) होने के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। ED के अनुसार, सुकेश के आपराधिक इतिहास और कारनामों का पता होने के बावजूद जैकलीन ने उसके साथ नियमित और निरंतर संपर्क बनाए रखा।

अपराध की कमाई का आनंद: आरोप है कि अभिनेत्री और उनके परिवार ने जानबूझकर फंड के स्रोतों की अनदेखी की और अपराध की कमाई (Proceeds of crime) का इस्तेमाल और उपभोग किया।

कैसे रचा गया 200 करोड़ का साम्राज्य?

नेटवर्क: अभियोजन पक्ष (Prosecution) के अनुसार, सुकेश चंद्रशेखर जेल के भीतर से ही एक संगठित आपराधिक नेटवर्क चला रहा था।

हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी: सुकेश ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), गृह मंत्रालय और कानून एवं न्याय मंत्रालय के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों का रूप धारण कर शिकायतकर्ता अदिति सिंह और उनके परिवार के साथ ठगी की।

तकनीक का दुरुपयोग: इस जबरन वसूली और धोखाधड़ी के लिए स्पूफ़्ड कॉल (नंबर बदलकर की गई कॉल), एन्क्रिप्टेड ऐप्स और फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया गया।

फंड की लेयरिंग: ठगी से कमाए गए 200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को छुपाने, ट्रांसफर करने और वैध संपत्ति के रूप में दिखाने के लिए कई बैंक खातों, हवाला चैनलों, नकद डिलीवरी और शेल कंपनियों (फर्जी कंपनियों) का इस्तेमाल किया गया। इस पैसे से महंगी गाड़ियां और प्रॉपर्टी खरीदी गईं।

मामला 1: ED का ₹200 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग केस

तय किए जाने वाले आरोप: इस मामले में कोर्ट ने माना कि आरोपियों ने कथित तौर पर अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) को छुपाने और उसे वैध दिखाने का काम किया है। सभी 17 आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 3 (मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध) के तहत आरोप तय होंगे, जो PMLA की धारा 4 के तहत दंडनीय है।

जैकलीन पर आरोप: ED ने अपनी पूरक चार्जशीट में जैकलीन को आरोपी बनाया था। जांच के अनुसार, सुकेश की आपराधिक पृष्ठभूमि जानने के बावजूद जैकलीन उसके साथ लगातार संपर्क में थीं और पिंकी ईरानी के जरिए करोड़ों रुपये के महंगे उपहार और लाभ लिए। कोर्ट ने हाल ही में जैकलीन को इस मामले में ‘सरकारी गवाह’ (Approver) बनने की अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दी थी।

मामला 2: दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल का केस (मकोका और जबरन वसूली)

यह मामला दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा दर्ज किया गया था और बाद में इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने की। यह शिकायत फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह द्वारा दर्ज कराई गई थी।

सुकेश पर लगे कड़े आरोप: अदालत ने सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ संगठित अपराध चलाने के लिए बेहद सख्त धाराओं में आरोप तय करने का आदेश दिया है(

MCOCA (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट): यह कानून संगठित अपराध सिंडिकेट और आतंकवाद से निपटने के लिए बनाया गया है, जो पुलिस को गैंगस्टरों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष शक्तियां देता है। सुकेश पर एक संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्यों की ओर से बेहिसाब संपत्ति रखने और गिरोह चलाने का आरोप है।

सह-आरोपियों पर कार्रवाई: लीना पॉलोज (सुकेश की पत्नी): कोर्ट ने सुकेश की पत्नी लीना पर भी मकोका, धोखाधड़ी और साजिश सहित समान आरोप तय करने का आदेश दिया है (केवल लोक सेवक का रूप धरने के आरोप को छोड़कर)। 17 अन्य आरोपी के खिलाफ संगठित अपराध (मकोका), आईटी एक्ट और अन्य दंडात्मक धाराओं के तहत आरोप तय होंगे। 3 अन्य सहयोगी के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के तहत मुकदमा चलेगा।

धोखाधड़ी का तरीका: जेल के अंदर से चलता था नेटवर्क

  • अभियोजन पक्ष के अनुसार, सुकेश चंद्रशेखर 2017 से ही जेल (रोहिणी जेल) में बंद था, लेकिन वहीं से उसने एक अत्याधुनिक आपराधिक साम्राज्य खड़ा कर लिया था।
  • मंत्रालयों का फर्जीवाड़ा: जून 2020 में सुकेश ने अदिति सिंह को फोन किया और खुद को केंद्रीय कानून मंत्रालय का एक वरिष्ठ अधिकारी बताया। उसने अदिति के पति और कंपनियों से जुड़े कानूनी मामलों को सुलझाने का झांसा दिया।
  • ₹217 करोड़ की जबरन वसूली: सुकेश और उसके साथियों ने ‘स्पूफ़्ड कॉल’ (तकनीक के जरिए सरकारी लैंडलाइन नंबर दिखाकर की गई कॉल), एन्क्रिप्टेड ऐप्स और फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर अदिति सिंह के परिवार से किस्तों में लगभग 217 करोड़ रुपये वसूल लिए।
  • पकड़े जाने का कारण: जब दिल्ली पुलिस ने तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) के जरिए उस सेलफोन को ट्रैक किया जिससे कॉल की जा रही थी, तब इस बात का खुलासा हुआ कि यह पूरी साजिश जेल के अंदर बैठा सुकेश चंद्रशेखर ही रच रहा था।

केस प्रोफाइल: कौन-कौन है आरोपी?

अदालत ने सुकेश और जैकलीन के अलावा जिन 15 अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है, उनमें सुकेश की पत्नी और कई सहयोगी शामिल हैं।

मुख्य श्रेणीआरोपियों के नाम
मुख्य साजिशकर्तासुकेश चंद्रशेखर, लीना मारिया पॉल उर्फ लीना पॉलोज (सुकेश की पत्नी)
बॉलीवुड लिंकजैकलीन फर्नांडीज
मुख्य सहयोगी/बिचौलियापिंकी ईरानी
अन्य आरोपीदीपक रामनानी, प्रदीप रामदनी, बी मोहनराज, अरुण मुथु, डी कमलेश कोठारी, पूजा सिंह, धरम सिंह मीना, महेंद्र प्रसाद सुंद्रियाल, सुंदर बोरा, कोमल पोद्दार, जितेंद्र नरूला, अविनाश कुमार और जय प्रकाश सिंघल।

सुकेश चंद्रशेखर का पुराना इतिहास

सुकेश चंद्रशेखर को पहली बार दिल्ली पुलिस ने 2017 में गिरफ्तार किया था। उस दौरान उस पर AIADMK नेता टीटीवी दिनाकरण से रिश्वत लेने का आरोप था, ताकि चुनाव आयोग से पार्टी के दो पत्ती (Two Leaves) चुनाव चिन्ह मामले में अनुकूल फैसला कराया जा सके। इसके बाद, साल 2021 में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उसे फिर से गिरफ्तार किया था। 3 जून को कोर्ट में औपचारिक आरोप तय होने के बाद इस मामले की अदालती सुनवाई (Trial) तेजी से आगे बढ़ेगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
haze
30 ° C
30 °
30 °
70 %
2.1kmh
20 %
Sat
34 °
Sun
40 °
Mon
41 °
Tue
44 °
Wed
46 °

Recent Comments