Thursday, October 29, 2026
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NEET Score Alteration: 24 घंटे में 650 से घटे 135 अंक…NTA पोर्टल पर बार-बार नंबर बदलने का आरोप, NEET UG उम्मीदवार की याचिका जानें

केस मैट्रिक्स: Delhi High Court Petition on NEET Score Alteration

पहलूविवरण
संबंधित अदालतदिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court)
याचिकाकर्ता के वकीलएडवोकेट विनीत जिंदल (Vineet Jindal)
प्रतिवादी संस्थानेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA)
मुख्य विवाद24 घंटे के भीतर स्कोर 650 ➔ 500 ➔ 135 होना और संदिग्ध OMR प्रदर्शन
मुख्य राहतमूल भौतिक OMR शीट और डिजिटल सर्वर लॉग्स का अदालती निरीक्षण

NEET Score Alteration: नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) परीक्षा में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक परीक्षार्थी ने दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) का रुख किया है।

याचिकाकर्ता छात्र ने अधिवक्ता विनीत जिंदल (Vineet Jindal) के माध्यम से याचिका दायर कर अपनी मूल भौतिक ओएमआर (Physical OMR) उत्तर पुस्तिका और उससे संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड अदालत में पेश करने की मांग की है।उम्मीदवार का आरोप है कि परिणाम घोषित होने के मात्र 24 घंटे के भीतर एनटीए पोर्टल पर उसका स्कोरकार्ड तीन बार बदला गया—पहले 650, फिर 500 और अंत में 135 अंक कर दिया गया।

याचिकाकर्ता छात्र के गंभीर आरोप: 24 घंटे का घटनाक्रम

  1. उत्तर कुंजी (Answer Key) के अनुसार अनुमान: छात्र का कहना है कि आधिकारिक उत्तर कुंजी और अपने दर्ज उत्तरों के आधार पर उसने 620 से 640 अंकों के बीच आने का अनुमान लगाया था।
  2. पोर्टल पर बदला स्कोर:
    • 16 जुलाई (परिणाम का दिन): जब पहली बार पोर्टल खोला, तो उसका स्कोर 650 अंक दिख रहा था।
    • दूसरी बार लॉगिन: थोड़ी देर बाद लॉगआउट होकर दोबारा देखने पर अंक घटकर 500 हो गए।
    • अगले दिन: 24 घंटे के भीतर उसका स्कोर और गिराकर 135 अंक कर दिया गया।
  3. NTA कार्यालय में फर्जी OMR दिखाने का आरोप: छात्र ने NTA को पत्र लिखा और आरटीआई (RTI) दाखिल की, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। जब वह नई दिल्ली स्थित NTA कार्यालय गया, तो अधिकारियों ने कंप्यूटर स्क्रीन पर एक OMR शीट दिखाई। छात्र ने तुरंत आपत्ति जताई कि यह उसकी भरी हुई मूल OMR शीट नहीं है।
  4. अधिकारियों का जवाब: याचिका के अनुसार, NTA अधिकारियों ने छात्र से कहा कि उनके पास रिकॉर्ड में केवल यही OMR उपलब्ध है और अगर वह अदालत भी जाता है तो यही दस्तावेज़ पेश किया जाएगा।

याचिका में की गई मुख्य मांगें

याचिकाकर्ता ने स्पष्ट किया है कि वह अपने उत्तरों का पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) नहीं मांग रहा है, बल्कि निम्नलिखित निर्देश देने का अनुरोध कर रहा है।

याचिकाकर्ता की मांग: “NTA को निर्देश दिया जाए कि वह छात्र द्वारा भरी गई मूल भौतिक OMR उत्तर पुस्तिका (Physical OMR Sheet) और संबंधित डिजिटल सर्वर रिकॉर्ड्स को सुरक्षित (Preserve) रखे और अदालत के समक्ष पेश करे, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया का एक स्वतंत्र सत्यापन (Independent Verification) किया जा सके। एक सार्वजनिक संस्था होने के नाते NTA पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही के संवैधानिक कर्तव्य से बंधा हुआ है।”

पृष्ठभूमि: NEET UG 2026 विवाद

यह याचिका ऐसे समय में आई है जब सुप्रीम कोर्ट नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और एनटीए के संस्थागत सुधारों को लेकर लगातार सुनवाई कर रहा है। हाल ही में शीर्ष अदालत ने तदर्थ (Ad-hoc) उपायों के बजाय NTA के भीतर स्थायी और संस्थागत सुधार लागू करने पर जोर दिया है।

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